।। विश्व की सबसे बड़ी पद-यात्रा ।।
कोरोना वायरस के संक्रमण से देशवासियों को बचाने के लिए पूरा देश लॉक डाउन हुआ पड़ा है। शहर में कमाने गया समस्त मज़दूर वर्ग काम बंद होने से मकान मालिकों को किराया नहीं दे पा रहा। जब खाने के लिए पैसे ही नहीं है तो किराया भला कहाँ से दे ?
जिसकी वजह से उन्हें शहर छोड़ना पड़ रहा है। लोग अपने - अपने घरों के लिए 700 - 800 किलोमीटर तक पैदल जा रहे हैं। सरकार पता नहीं उनके लिए कुछ क्यों नहीं कर पा रही?
लेकिन विपदा की इस कठिन घड़ी में कुछ लोग हैं जो इनकी थोड़ी सी मदद करके इंसानियत को जिंदा किये हैं।
जब कुछ मददगार इनसे पूछ रहे कि आप इतनी दूर कैसे जायेंगे, तो इनके जवाब में इनका हौसला दिखता है -
'पैदल ही जाएंगे साब! कहीं गाड़ी मिल जा रही या आप जैसे मददगार मिल जा रहे तो थोड़ी सी राहत होती है। नहीं तो सभी चल रहे, ऐसे ही चलते रहेंगे, पैदल। पहुँच तो जाएंगे ही ।'
मानों मुसीबतों के महल इनके लिए कुछ भी नहीं।
"मेरे हौसले अभी भी कम, हुए बिल्कुल नहीं मुसीबत
तू अपने महल खड़ा कर, मैं हर बार उसे गिरा दूँगा।"
ऐसे में अगर कोई राहगीर आपसे टकरा जाए तो ज्यादा कुछ नहीं, बस एक बोतल पानी और एक पैकेट बिस्कुट ही देते चलें। कोरोना से तो लड़ ही रहे ये, आपकी मदद से भूख से भी लड़ लेंगे।
पता नहीं ये लॉक डाउन देश के लोगों को बचा रहा या मार रहा।
#thelongestmarchoftheworld
#lockdown
#indiafightinghungerorcorona
----जंग
कोरोना वायरस के संक्रमण से देशवासियों को बचाने के लिए पूरा देश लॉक डाउन हुआ पड़ा है। शहर में कमाने गया समस्त मज़दूर वर्ग काम बंद होने से मकान मालिकों को किराया नहीं दे पा रहा। जब खाने के लिए पैसे ही नहीं है तो किराया भला कहाँ से दे ?
जिसकी वजह से उन्हें शहर छोड़ना पड़ रहा है। लोग अपने - अपने घरों के लिए 700 - 800 किलोमीटर तक पैदल जा रहे हैं। सरकार पता नहीं उनके लिए कुछ क्यों नहीं कर पा रही?
लेकिन विपदा की इस कठिन घड़ी में कुछ लोग हैं जो इनकी थोड़ी सी मदद करके इंसानियत को जिंदा किये हैं।
जब कुछ मददगार इनसे पूछ रहे कि आप इतनी दूर कैसे जायेंगे, तो इनके जवाब में इनका हौसला दिखता है -
'पैदल ही जाएंगे साब! कहीं गाड़ी मिल जा रही या आप जैसे मददगार मिल जा रहे तो थोड़ी सी राहत होती है। नहीं तो सभी चल रहे, ऐसे ही चलते रहेंगे, पैदल। पहुँच तो जाएंगे ही ।'
मानों मुसीबतों के महल इनके लिए कुछ भी नहीं।
"मेरे हौसले अभी भी कम, हुए बिल्कुल नहीं मुसीबत
तू अपने महल खड़ा कर, मैं हर बार उसे गिरा दूँगा।"
ऐसे में अगर कोई राहगीर आपसे टकरा जाए तो ज्यादा कुछ नहीं, बस एक बोतल पानी और एक पैकेट बिस्कुट ही देते चलें। कोरोना से तो लड़ ही रहे ये, आपकी मदद से भूख से भी लड़ लेंगे।
#thelongestmarchoftheworld
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----जंग

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